चक्र, वैष्णव तिलक एवं शंख चिन्ह

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यह तीन पवित्र चिन्ह मंदिर में मुख्य द्वार पर कई जगह विद्यमान है। यह भगवान श्री हरिकृष्ण का प्रतीकात्मक पवित्र चिन्ह है। भगवान हरि के मस्तक पर वैष्णव तिलक उर्ध्वत्रिपुण्ड विराजमान है एवं दाहिने हाथ में सुदर्शन चक्र विराजमान है एवं बायें हाथ में पांचजन्य शंख विराजमान है। इन चिन्हों के दर्शन मात्र से शुभता एवं मंगल की प्राप्ति होती है। पापों का नाश होता है। शुभ शकुन की प्राप्ति होती है एवं विघ्नों का नाश होता है।