श्री लक्ष्मीनारायण पीपल

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मंदिर प्रांगण में गर्भगृह से अग्निकोण दिषा में श्री लक्ष्मीनारायण विशालकाय पुरातन पीपल वृक्ष प्रतिष्ठित है। इसकी प्रत्येक शनिवार को पूजा प्रतिष्ठा एवं तिल के तेल का दीपदान करने से शीघ्र ही यह निरोगता, आयु, लक्ष्मी, संतान एवं संकट का नाश कर सुख शांति प्रदान करते हैं एवं एक वर्ष तक प्रति शनिवार को तिल के तेल का दीपदान करने से एवं सात परिक्रमा अथवा एक सौ आठ परिक्रमा करने पर मनोकामना पूर्ण होती है। मंदिर परिसर विविध पवित्र वृक्षों से आच्छादित है यथा-केला, कनेर, आम, आंवला, कमल, तुलसी, गेंदा, नीम आदि।