श्री माधवेश्वर महादेव-सहस्त्रार्चन पूजा

mahadev

श्री माधवेश्वर महादेव जी को एक हजार नाम से ‘बिल्व पत्र’ चढ़ाया जाता है। एक हजार बिल्व पत्र भगवान श्री माधवेश्वर महादेव जी को अर्पण किया जाता है एवं धूप, दीप, नैवेद्य, ताम्बूल, नारियल से पूजा की जाती है। सोमवार को इस पूजा का विशेष फल है। 

श्री माधवेष्वर महादेव जी को एक हजार नाम से बिल्व पत्र अर्पण करने से अनन्त पुण्य की प्राप्ति होती है। जो मानव शारीरिक कष्ट से पीड़ित हो, अपमृत्यु का भय हो, दुर्घटना का भय हो, धन की बारम्बार हानि हो, दरिद्रता से पीड़ित हो, भूत बाधा पीडित हो, ग्रहों की पीड़ा से ग्रसित हो, मारक ग्रहों की पीड़ा हो, दुःखप्न देखने पर, गृह में नाना प्रकार से उपद्रव क्लेश की पीड़ा हो, वाहनादि दुर्घटना से पीड़ित हो, जो शत्रु, चोर, अग्नि, जल एवं सरकार से पीड़ित रहता हो एवं महादेव की भक्ति की इच्छा करता हो तो उसे प्रत्येक माह के सभी सोमवार को बिल्व पत्र से सहस्रार्चन पूजा एक वर्ष तक करनी चाहिए इससे समस्त प्रकार के उपद्रव, मृत्यु का भय, ग्रह पीड़ा एवं दरिद्रता का नाश होता है एवं भगवान माधवेश्वर की कृपा प्रसाद से सुख, शांति एवं लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। इसी प्रकार प्रत्येक माह के सोमवार को गंगाजल या दुग्ध से रुद्राभिषेक करने से समस्त ग्रहपीड़ा की शांति, अपमृत्यु भय की समाप्ति, निरोगता एवं लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।

पूजन सामग्री सहित दक्षिण-रु.1100