श्री नागराज एवं सर्पराज

sarparaj

मंदिर प्रांगण में गर्भगृह से नैऋत्य दिषा में श्री नागराज शेष व श्री सर्पराज वासुकी प्रतिष्ठित हैं। इनके दर्शन पूजन से सर्प भय समाप्त होता है एवं जीवन में सर्पदोष का शमन होता रहता है। विशेष रुप से प्रत्येक माह में पंचमी एवं चतुर्दशी तिथि को इनके दर्शन पूजन एवं दूध लावा का भोग लगाने से एवं दीपदान करने से विष, व्याधि एवं सर्प से भय का शमन होता है एवं यह विष एवं सर्प से रक्षा प्रदान करते हैं।