श्री नवग्रह देवता

श्री नवग्रह देवता1

मंदिर प्रांगण में नवग्रह मंडल स्थान गर्भगृह से ईशान में प्रतिष्ठित हैं। यहां नवग्रह अपने-अपने वाहन पर अपनी दिशाओं की तरफ मुख करके प्रतिष्ठित हैं। यहां सभी नवग्रह का एक साथ दर्शन करना नारियल का भोग अर्पण करना एवं संध्याकाल में तिल के तेल का दीपदान करने से नवग्रह की प्रसन्नता प्राप्त होती है। नवग्रहों के मंत्रों से हवन कराने से नवग्रह की शांति होती है एवं आयु, आरोग्य, लक्ष्मी की वृद्धि एवं विघ्नों का नाश होता है।