श्री राधामाधव युगल भगवान

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मंदिर मध्य में श्री राधामाधव युगल भगवान का श्री विग्रह प्रतिष्ठित है। यहां श्री माधव काले रंग के स्वरूप में एवं श्री राधारानी श्वेत वर्ण स्वरूप में विराजमान है एवं श्री माधव भगवान बंशी बजाने की मुद्रा में विराजमान हैं। प्रति शनिवार श्री राधामाधव भगवान के दर्शन एवं संध्या समय में दीपदान करने मात्र से रोग, शोक, भय, संकट का नाश होता है एवं एक वर्ष तक प्रति शनिवार भगवान का तुलसी पत्र द्वारा शतनाम या सहस्त्रनाम से पूजन करने से एवं संध्या समय में तिल के तेल का दीपदान करने से मनोकामना पूर्ण होती है। आयु, आरोग्य व लक्ष्मी की वृद्धि होती है। श्रीराधामाधव का यहां प्रेममय स्वरूप है एवं प्रेम व भक्ति प्रदान करते हैं।