श्री सिद्धेश्वर हनुमान-सहस्त्रार्चन पूजा

hanumanji

श्री सिद्धेश्वर हनुमान जी के एक हजार नाम से ‘सिंदूर’ पुष्प के साथ अर्पण किया जाता है। एक हजार लाल पुष्प के साथ सिंदूर मिलाकर श्री सिद्धेश्वर हनुमान जी को चढ़ाया जाता है एवं धूप, दीप, नैवेद्य, ताम्बूल, नारियल से पूजा की जाती है। मंगलवार को इस पूजा का विशेष फल होता है।

श्री सिद्धेश्वर हनुमान जी के एक हजार नामों द्वारा सिन्दूर अर्पण करने से समस्त बाधाओं का नाश होता है एवं अनन्त पुण्य की प्राप्ति होती हैं। जो मानव शारीरिक, मानसिक पीड़ा से ग्रसित हो, भूत-प्रेत का भय से ग्रसित हो, शत्रु के षड्यन्त्र से पीड़ित हो, दीर्घकाल से मानसिक, शारीरिक व्याधि से ग्रसित हो, बारम्बार दुर्घटना से पीड़ित रहता हो, आकस्मिक संकटों से ग्रसित हो, भूमि-भवन सुख व प्राप्त करना चाहता हो एवं भगवान श्री रामजानकी की भक्ति चाहता हो तो मंगलवार को उसे मांस, मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए एवं हर माह के सभी मंगलवार को श्री सिद्धेश्वर हनुमान जी का सिन्दूर से सहस्रार्चन एक वर्ष तक करने से समस्त भय का नाश होता है एवं शतैः शनैः शुभ अवसरों का आगमन होता है मनोकामना पूर्ण होती है।

 पूजन सामग्री सहित दक्षिणा-रु. 1100