श्री सिद्धिदात्री दुर्गा

श्री सिद्धिदात्री दुर्गा

श्री राधामाधव युगल भगवान के गर्भगृह के वायव्य कोण में श्री सिद्धिदात्री दुर्गा प्रतिष्ठित हैं। यह आठ भुजाओं में शस्त्रादि धारण किये हुए तथा सिंह पर विराजमान हैं। श्री अष्टभुजा रूपी दुर्गा के ऐसे विग्रह के दर्षन करने से शत्रु पीड़ा, व्याधि पीड़ा, संकट के भय का नाश होता है एवं श्री सिद्धिदात्री दुर्गा की अभय मुद्रा द्वारा भयभीत मनुष्य को अभय का वरदान मिलता है। देवी को मंगलवार एवं शनिवार को शतनाम या सहस्त्रनाम द्वारा लाल रंग का पुष्प अर्पण करने एवं नारियल अर्पण करने से मनोभिलाषा पूर्ण होती है एवं शत्रुओं का शमन होता है। आयु, आरोग्यता प्राप्त होती है एवं संध्या काल में दीपदान करने से समस्त प्रकार का सुख भोग प्राप्त होता है। इस प्रकार एक वर्ष तक करने पर मनोकामना पूर्ण होती है।

पूजन सामग्री सहित दक्षिणा-रु. 1100