श्री सिद्धेश्वर हनुमान

hanumanji

मंदिर में श्री राधामाधव युगल भगवान के गर्भगृह से नैऋत्य कोण में श्री सिद्धेश्वर हनुमान प्रतिष्ठित हैं। यह दो भुजाओं वाले पद्मासन मुद्रा में भक्तों को अभय मुद्रा से अभय प्रदान करते हैं एवं बायें हाथ में गदा को कंधे पर धारण किये हुए हैं। अष्टसिद्धि एवं नवनिधि के स्वामी होकर यहां भी सिद्धेश्वर हनुमान के रूप में भक्तों को दर्शन द्वारा कार्य सिद्धि का वरदान देते हैं। श्री सिद्धेश्वर हनुमान के दर्शन मात्र से संकट का नाश होता है एवं इनके निमित्त दीपदान करने से तथा मंगलवार एवं शनिवार को एक सौ आठ नामों या एक हजार आठ नामों से सिंदूर युक्त पुष्प अर्पण करने से मनोकामना पूर्ण होती है। समस्त संकटों का नाश होता है। इस अनुष्ठान को एक वर्ष तक करने पर मनोकामना पूर्ण होती है।